Thursday, May 19, 2016

जीरा मोटापे का ऐसा दुश्मन है की 15 दिनो में घुटने टेकने पर मजबूर कर दे, गर्मी में तो ये स्पेशल है

★ जीरा मोटापे का ऐसा दुश्मन है की 15 दिनो में घुटने टेकने पर मजबूर कर दे, गर्मी में तो ये स्पेशल है ★


आज हम आपको रोज़ाना रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले ऐसे ही एक खाद्य पदार्थ से गुणों से अवगत कराएंगे, जो है जीरा। वजन कम करने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते, घंटों तक व्यायाम करना, खान-पान कम कर देना और पसंदीदा चीज़ ही ना खा सकना।

✴ जीरा  : इसके बाद भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हासिल होता उन्हें, लेकिन अब जीरा वजन कम करने में आपकी मदद करेगा। खाने के स्वाद को बढ़ाने वाला जीरा, खासतौर से दाल में डालने वाला जीरा हर किसी को पसंद है। कुछ लोग चावल पकाते समय भी जीरे का प्रयोग करते हैं, क्योंकि इसके खुशबू भी काफी अच्छी लगती है जो पकवान की सुगंध को बढ़ा देती है।

➡ मसाला मात्र नहीं

लेकिन खाद्य पदार्थों के गुणों को बढ़ाने वाला मसाला मात्र नहीं है जीरा, इसके गुण तो अनेक हैं। इससे हमारे स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं, जिसमें से विशेष है जीरा के प्रयोग से वजन कम करने की प्रक्रिया। एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि जीरा पाउडर के सेवन से शरीर मे वसा का अवशोषण कम होता है जिससे स्वाभाविक रूप से वजन कम करने में मदद मिलती है।

➡ बीमारियों से भी बचाता है

वजन कम करने के साथ साथ यह बहुत सारी अन्य बीमारियों से भी बचाता है, जैसे कोलेस्ट्रॉल कम करता है, हार्ट अटैक से बचाता है, स्मरण शक्ति बढ़ाता है, खून की कमी को ठीक करता है, पाचन तंत्र ठीक कर गैस और ऐंठन ठीक करता है। तो यदि उपरोक्त बताई परेशानी किसी को है, तो रोज़ाना जीरा का प्रयोग भोजन पकाते समय अवश्य करें।

➡ स्वास्थ्य को मिलने वाले लाभ

लेकिन जीरा के प्रयोग से स्वास्थ्य को मिलने वाले जिस खास लाभ की यहां हम बात करने जा रहे है, वह है वजन कम करना, और वह भी मात्र 15 दिनों में। जी हां.... जो काम बड़े से बड़ा प्रयोग करने में अक्षम है, वह जीरा का एक छोटा सा प्रयोग करके दिखाएगा। बस निर्देशानुसार आप इसका प्रयोग करें तो जरूर सफल होंगे।

 प्रयोग

दो बड़े चम्मच जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे उबाल लें और गर्म-गर्म चाय की तरह पियें। बचा हुआ जीरा भी चबा लें। इसके रोजाना सेवन से शरीर के किसी भी कोने से अनावश्यक चर्बी शरीर से बाहर निकल जाती है।

 
दूसरा प्रयोग

किंतु यदि आपको यह प्रयोग अधिक पसंद ना आए, तो जीरे को खाद्य पदार्थ में अच्छी मात्रा में प्रयोग करें और रोज़ाना इस्तेमाल करें। एक अन्य उपाय के अनुसार आप 5 ग्राम दही में एक चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर यदि इसका रोज़ाना सेवन करें, तो वजन जरूर कम होगा।

 तीसरा प्रयोग

3 ग्राम जीरा पाउडर को पानी में मिलाएं इसमें कुछ बूंदें शहद की डालें फिर इसे पी जाएं। वेजिटेबल यानि सब्जियों के उपयोग से सूप बनाएं, इसमें एक चम्मच जीरा डालें। या फिर ब्राउन राइस बनाएं इसमें जीर डालें यह सिर्फ इसका स्वाद ही नहीं बढ़ाएगा बल्कि आपका वजन भी कम करेगा।

 चौथा प्रयोग

अदरक और नींबू दोनों जीरे की वजन कम करने की क्षमता को बढ़ाते हैं। इसके लिए गाजर और थोड़ी सब्ज़ियों को उबाल लें इसमें अदरक को कद्दूकस यानि कि बिल्कुल बारीक कर लें, साथ ही ऊपर से जीरा और नींबू का रस डालें और इसे रात में खाएं।

▶ 15 दिनों के पश्चात कम होगा वजन ◀

यदि प्रतिदिन आप बताए गए इन चार उपायों में से दो भी अपना लें, तो यकीनन आपका वजन 15 दिनों के पश्चात कम होता दिखाई देगा। विशेषज्ञों के अनुसार जीरे में मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीकडेंट चयापचय को बढ़ाता है, जिससे पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है। यह चर्बी ही तो मोटापे को दावत देती है, जो जीरे के प्रयोग से खत्म की जा सकती है।

➡ पाचन क्रिया में सहायक

इसके अलावा जीरा खाने को पचाने में मदद करता है जिससे गैस कम बनती है। ऐंठन और पेट फूलना ख़राब पाचन की समस्या हैं। जीरा गैस को बनने से रोकता है जिससे पेट और आंतों में अच्छे से खाना पच जाता है।

➡ हार्ट  के मरीजों के लिए सही

हार्ट के मरीजों के लिए भी बेहद फायदेमंद है यह जीरा, जीरा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है। इसके साथ ही फैट को शरीर में बनने से रोकता है। इसलिए यह वजन कम करने में मदद करता है साथ ही हार्ट अटैक से भी बचाता है।

➡ सौंदर्यता

चलिए यह तो रही सेहत की बात, लेकिन जीरा सौंदर्य भी निखारेगा यह नहीं जानते होंगे आप। दरअसल जीरे में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो आपकी त्वचा पर पड़े विभिन्न दाग-धब्बों को हल्का करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा त्वचा का काला पड़ जाना या मुरझा जाना, आदि समस्याओं को हल भी जीरे के कुछ घरेलू नुस्खों से हासिल किया जा सकता है।

➡ त्वचा के लिए फायदेमंद

जीरे में विटामिन ‘ई’ पाया जाता है, जो त्वचा के लिए काफी लाभदायक होता है। इसके अलावा जीरे में कुछ ऐसे तत्व भी मौजूद होते हैं जो त्वचा को संक्रमण रहित बनाते हैं। यदि किसी के चहरे पर कोई दाग-धब्बे, पिंपल या किसी प्रकार का कोई इंफेक्शन हो गया हो, तो थोड़ा-सा जीरा पीसकर किसी भी फेस पैक में मिलाकर लगा लें, जल्द से जल्द आराम मिलेगा।

➡ जवान  बनाता है

लेकिन जीरे के प्रयोग से मिलने वाला एक और फायदा आपको चौंका कर रख देगा। इसके प्रयोग से आप सौंदर्य को निखार सकते हैं, यह आपको जवान बना सकता है।

➡ संक्रमणों  को काटता है

जी हां.... जिस प्रकार से जीरे में मौजूद विटामिन ई तमाम तरह के त्वचा संबंधी संक्रमणों को काटता है, उसी प्रकार से यह उन चीज़ों से भी छुटकारा दिलाता है जो त्वचा में ढीलापन लाते हैं। क्योंकि त्वचा ढीले होने के बाद ही झुर्रियां बनती हैं, जो बुढ़ापे की निशानी होती हैं।

➡ जीरे में विटामिन ई
जीरे में मौजूद विटामिन ई चेहरे की त्वचा में कसाव लाता है, उसका निखार बढ़ाता है और आपको हमेशा जवान दिखने में मदद करता है। इसके लिए आपको अधिक मेहनत करने की भी जरूरत नहीं है, हफ्ते में एक बार या दो हफ्ते के बाद जब भी आप फेस पैक लगाएं उसके चुटकी भर जीरे का पाउडर मिला लें।

➡ नियमित मात्रा में ही डालें

ध्यान रहे, इसे नियमित मात्रा में ही डालें, क्योंकि इसके अधिक होने से प्रभाव उलटा भी हो सकता है। फेस पैक में जीरा मिलाकर लगाने से आपको यकीनन कुछ समय में ही आपको चेहरे की वो पहले वाली रंगत दिखनी आरंभ हो जाएगी।

➡ खुजली  से आराम
जिस प्रकार से जीरा त्वचा को निखारने का काम करता है, संक्रमण रहित बनाता है, उसी प्रकार से यह हमें खुजली जैसी परेशानी से भी राहत दिलाता है। यदि किसी को निरंतर खुजली रहने की शिकायत हो तो थोड़े से पानी में जीरा उबाल लें, बाद में उसे छानकर नहाने वाले पाने में मिलाकर नहा लें। यह प्रयोग जरूर आराम दिलाएगा...

➡ बालों  के लिए

अब अंत में बताते हैं जीरा आपके बालों के लिए कैसे फायदेमंद है। जीरा में अच्छी मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और बालों की ग्रोथ अच्छी करने वाला तैलीय तत्व पाया जाता है। अगर आपको बालों को लंबा एवं घना बनाने के लिए जीरा का प्रयोग करना है, तो इसके लिए आपको रसोई घर में इस्तेमाल होने वाला जीरा नहीं, बल्कि काला जीरा चाहिए होगा।

➡ काला जीरा

जी हां... काला जीरा बालों को मजबूत एवं लंबा बनाने के लिए उपयोगी है। आप इसे विभिन्न प्रकार से प्रयोग में ला सकते हैं। आप बालों पर यदि ऑलिव ऑयल इस्तेमाल करते हैं तो उसमें काला जीरा मिलाकर लगा सकते हैं।

➡ बालों  के झड़ने की परेशानी

यदि किसी को बालों के झड़ने की परेशानी है तो, बाल धोने के बाद काला जीरा वाला तेल उस हिस्से पर सीधा लगाएं जहां बालों की संख्या निरंतर कम हो रही हो। ऐसा रोज़ाना करेंगे, तो जल्दी असर दिखाई देगा। इसके अलावा आप रोज़ाना काला जीरा का दवा की तरह सुबह-शाम सेवन भी कर सकते हैं। 

Saturday, April 23, 2016

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Sunday, April 17, 2016

Do Not Eat Eggs Must Watch By Rajiv Dixit




आजकल मुझे यह देख कर अत्यंत खेद और आश्चर्य होता है की अंडा शाकाहार का पर्याय बन चुका है ,ब्राह्मणों से लेकर जैनियों तक सभी ने खुल्लमखुल्ला अंडा खाना शुरू कर दिया है ...खैर मै ज्यादा भूमिका और प्रकथन में न जाता हुआ सीधे तथ्य पर आ रहा हूँ __________________ मित्रो जिस प्रकार लड़कियों मे 10 से 15 साल की आयु मे उनके अंडाशय मे  हर महीने एक विकसित डिम्ब (अण्डा) उत्पन्न करना शुरू कर हो जाता है । वह अण्डा अण्डवाहिका नली (फैलोपियन ट्यूव) के द्वारा नीचे जाता है जो कि अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। जब अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है, उसका अस्तर रक्त और तरल पदार्थ से गाढ़ा हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि यदि अण्डा उर्वरित हो जाए, तो वह बढ़ सके और शिशु के जन्म के लिए उसके स्तर में विकसित हो सके। यदि उस डिम्ब का पुरूष के वीर्य के शुक्राणु से सम्मिलन न हो तो वह स्राव बन जाता है जो कि योनि से निष्कासित हो जाता है। इसी स्राव को मासिक धर्म, रजोधर्म या माहवारी (Menstural Cycle or MC) कहते हैं। लड़कियों की तरह ही  अन्य मादा स्तनपाईयों (बन्दर बिल्ली गाय ) में भी एक निश्चित समय के बाद अंडोत्सर्जन एक चक्र के रूप में होता है उदारहरणतः मनुष्यों में यह महीने में एक बार,.. चार दिन तक होता है जिसे माहवारी या मासिक धर्म कहते है (जैसा ऊपर बताया गया ) ..उन दिनों में स्त्रियों को पूजा पाठ चूल्हा रसोईघर आदि से दूर रखा जाता है ..यहाँ तक की स्नान से पहले किसी को छूना भी वर्जित है कई परिवारों में ...शास्त्रों में भी इन नियमों का वर्णन है इसका वैज्ञानिक विश्लेषण करना चाहूँगा ..मासिक स्राव के दौरान स्त्रियों में मादा हार्मोन (estrogen) की अत्यधिक मात्रा उत्सर्जित होती है और सारे शारीर से यह निकलता रहता है .. इसकी पुष्टि के लिए एक छोटा सा प्रयोग करिये ..एक गमले में फूल या कोई भी पौधा है तो उस पर रजस्वला स्त्री से दो चार दिन तक पानी से सिंचाई कराइये ..वह पौधा सूख जाएगा , अब आते है मुर्गी के अण्डे की ओर 1) पक्षियों (मुर्गियों) में भी लड़कियो की तरह अंडोत्सर्जन एक चक्र के रूप में होता है अंतर केवल इतना है की वह तरल रूप में ना हो कर ठोस (अण्डे) के रूप में बाहर आता है , 2) सीधे तौर पर कहा जाए तो अंडा मुर्गी की माहवारी या मासिक धर्म है और मादा हार्मोन (estrogen) से भरपूर है और बहुत ही हानिकारक है 3) ज्यादा पैसे कमाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर आजकल मुर्गियों को भारत में निषेधित ड्रग ओक्सिटोसिन(oxytocin) का इंजेक्शन लगाया जाता है जिससे के मुर्गियाँ लगातार अनिषेचित (unfertilized)  अण्डे देती है 4) इन भ्रूणों (अन्डो) को खाने से पुरुषों में स्त्रियों के हार्मोन (estrogen) के बढ़ने के कारण कई रोग उत्पन्न हो रहे है जैसे के वीर्य में शुक्राणुओ की कमी (oligozoospermia, azoospermia) , नपुंसकता और स्तनों का उगना (gynacomastia), हार्मोन असंतुलन के कारण डिप्रेशन आदि ... वहीँ स्त्रियों में अनियमित मासिक, बन्ध्यत्व , (PCO poly cystic oveary) गर्भाशय कैंसर आदि रोग हो रहे है 5) अन्डो में पोषक पदार्थो के लाभ से ज्यादा इन रोगों से हांनी का पलड़ा ही भारी है . 6) अन्डो के अंदर का पीला भाग लगभग ७० % कोलेस्ट्रोल है जो की ह्रदय रोग (heart attack) का मुख्य कारण है 7) पक्षियों की माहवारी (अन्डो) को खाना धर्म और शास्त्रों के विरुद्ध , अप्राकृतिक , और अपवित्र और चंडाल कर्म है इसकी जगह पर आप दूध पीजिए जो के पोषक , पवित्र और शास्त्र सम्मत भी है ! _____________________ दरअसल एलोपेथी डॉक्टर बहुत कहते है के अन्डे खाना बहुत आवश्यक है और उनका हिसाब किताब प्रोटीन वाला है ! वो कहते है प्रोटीन इसमें ज्यादा है विटामिन A ज्यादा है । लेकिन वो ऐसा क्यों कहते है ??  क्यों की उन्होने अपनी किताबों मे पढ़ा है लेकिन  क्यों पढ़ा है ?? दरअसल हमारे डॉक्टर जो पढाई करते है जैसे MBBS , MS, MD ये पूरी पढाई बाहर  से आई है अर्थात यूरोप से आयी है और यूरोप के देशों मे साल के 8 महीने तो बर्फ होती है खाने-पीने की प्रकर्तिक चीजें उनके पास ज्यादा है नहीं (और जो है वो सब हमारे यहाँ से जाती है जैसे फल ,सब्जियाँ आयुर्वेदिक ओषधियाँ आदि  अब  वहाँ जो लोग होंगे जब कभी एलोपेथी चिकित्सा की किताबें लिखी गई होंगी  उनके पास मांस और अन्डे के इलावा और कुछ नही होगा । तो उनकी जो पुस्तके है उनमे वो ही लिखा जायेगा जो वहाँ उपलब्ध है । और यूरोप में पूरा इलाका बहुत ठंडा है !सब्जी होती नही , दाल होती नही हैं ! पर अंडा बहुत मिलता है कियोंकि मुर्गियां बहुत है ।  अब हमारे देश में भी वो ही चिकित्सा पढ़ा  रहे है क्यूंकि आजादी के 67 साल बाद भी कोई कानून बदला नहीं गया ! पर उस चिकित्सा को हमने हमारे देश की जरुरत के हिसाब से बदल नही किया  अर्थात उन पुस्तकों में बदवाल होना चाहिए , उसमे लिखा होना चाहिए भारत में अन्डे की जरुरत नही है कियोंकि भारत में अन्डे का विकल्प बहुत कुछ है । पर ये बदवाल हुआ नही और हमारे डॉक्टर वो पुस्तक पढ़ कर निकलते है और बोलते रहते है अन्डे खाओ मांस खाओ । आयुर्वेद की पढाई पढ़  कर जो डॉक्टर निकलते है वो कभी नही कहते के अन्डे खाओ । अन्डे में प्रोटीन है पर सबसे ज्यादा  प्रोटीन तो उड़द की दाल में है , फिर चने की डाल , मसूर की डाल ; अन्डे में विटामिन A हैं पर उससे ज्यादा दूध में है । इस लिए मित्रो आपसे निवेदन है शाकाहारी बने ! और अधिक जानकारी के लिए link पर click करें  https://goo.gl/kDdfYy वन्देमातरम  ___________________________________

Saturday, April 2, 2016

घर पर इन पौधों को उगाने से स्‍वस्‍थ रहते हैं आप

कहीं लोग पूजा करने के लिए तुलसी का पौधा लगाते हैं तो कहीं कई रोगों से बचने के लिए इसे लगाया जाता है। तुलसी की ही तरह ऐसे कई पौधे हैं जो आपको सेहतमंद रखने में मदद करते हैं। आईए जानें इन सेहतमंद पौधों के बारे में।

QUICK BITES

  • यह पौधे बहुत ज्‍यादा जगह भी नहीं घेरते।
  • तुलसी तनाव को दूर करने में काफी मदद करती है।
  • डायबिटीज में करी पत्‍ता होता है लाभकारी।
  • पुदीना पेट की समस्‍याओं को दूर करने में मदद करता है।

  • खूबसूरती और उपयोगिता दोनों साथ-साथ मिलें तो, कहना ही क्‍या। आप चाहें तो अपने घर को खूबसूरत बनाने के लिए कुछ ऐसे सेहतमंद पौधों को अपने घर में लगा सकते हैं। इन पौधों से आपको खूबसूरती के साथ मिलेगा सेहत का खजाना।

    हमारे जीवन पेड़ पौधों का काफी महत्व है। इसलिए लोग अपने घर में एक छोटा हिस्सा बागीचे के लिए रखते हैं। आजकल घरों  में तरह तरह के फूलों व सब्जियों के पौधे लगाने का चलन है।इससे ना सिर्फ आपके घर की सुंदरता बढ़ती है ब्लकि आप सेहतमंद व निरोग भी रहते हैं। 
    आप अपने घर में आसानी से कई तरह के सेहतमंद पौधे भी उगा सकते हैं। जैसे तुलसी का पेड़ लगभग हर घर में पाया जाता है। कहीं लोग पूजा करने के लिए तुलसी का पौधा लगाते हैं तो कहीं कई रोगों से बचने के लिए इसे लगाया जाता है। तुलसी की ही तरह ऐसे कई पौधे हैं जो आपको सेहतमंद रखने में मदद करते हैं। आईए जानें इन सेहतमंद पौधों के बारे में।

तुलसी

    तुलसी एक ऐसा पौधा है जो ज्यादातर घर के आंगन में पाया जाता है। इसको लगाने से आस पास का वातावरण कीटाणु रहित हो जाता है। इसके अलावा तुलसी वाली चाय पीने से सर्दी जुकाम में आराम मिलता है। इसका तेज एस्ट्रोन वाला स्वाद ताजगी भरी खुशबू आप को तनाव से उबारने में मदद करती है।

पुदीना

    घर में पुदीना लगाना काफी फायदेमंद है। पुदीना हाई और लो दोनों ही प्रकार के ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करता है। इस कार्य के लिए पुदीने की चटनी और रस का उपयोग किया जा सकता है। गर्मी में अक्सर लू लगने की समस्या हो जाती है ऐसे में पुदीने की चटनी नियमित सेवन करने से इसकी आशंका कम हो जाती है। 
    धनिया
    सब्जी का स्वाद व खूशबू बढ़ाने के लिए हरी धनिया का इस्तेमाल किया जाता है। इसे आप अपने घर में भी उगा सकते हैं। हरी धनिया थकान मिटाने में सहायक है। विटामिन ए से भरपूर धनिया मधुमेह में भी फायदेमंद है इसके सेवन से रक्त में इंसुलिन की मात्रा नियंत्रित रहती है। इसके साथ ही यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रोल की मात्रा घटाने और अच्छे कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ाने में भी मदद करता है।

करी पत्ता

    करी पत्ते का ज्यादातर प्रयोग साउथ इंडियन खाने में होता है। इसके प्रयोग से खाने का स्वाद बढ़ जाता है। दाल में तड़का लगाने के लिए या सांभर बनाने में करी पत्ते का खूब प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा यह डायबिटीज को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। डायबिटीज के रोगियों को करी पत्‍ता जरूर खाना चाहिए। 

लहसुन

    लहसुन अपने आप में गुणों की खान है। भोजन में लहसुन का सेवन करने से आप कई रोगों से दूर रह सकते हैं। एक किस्म का ब्लड प्यूरीफायर है, जो रक्त को साफ करने का काम करता है। लहसुन कैंसर की आशंका को कम करने में भी सहायक हो सकता है। इसके अलावा हाथ पैरों और जोड़ों के दर्द के लिए भी लहसुन बहुत फायदेमंद है।

    हरियाली आपके घर का माहौल भी खुशनुमा बनाने में मदद करती है। इसके साथ ही अगर सेहत का खजाना भी मिल जाए, तो कहना ही क्‍या। आप इन सेहतमंद पौधों को अपने घर पर उगा सकते हैं इससे आपको कई लाभ मिलेंगे।